Kalpamrit Bhakti

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"राधा कृष्ण का हृदय हैं, और कृष्ण राधा का प्राण। समय और स्थान की सीमाओं से परे इस दिव्य प्रेम के दर्शन। राधे राधे!"
#जयश्रीकृष्ण #राधे

🌸 राधे राधे 🌸श्री जी की प्यारी कहानी 💕बारसाना में "कुमुद" नाम की एक 9 साल की लड़की रहती थी। वह बहुत शर्मीली थी और बोलती ...
15/05/2026

🌸 राधे राधे 🌸
श्री जी की प्यारी कहानी 💕
बारसाना में "कुमुद" नाम की एक 9 साल की लड़की रहती थी। वह बहुत शर्मीली थी और बोलती कम थी। स्कूल में भी उसकी कोई सहेली नहीं थी।
हर शाम वह राधारानी के मंदिर के पीछे वाले बगीचे में जाती और एक पुराने पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर फुसफुसाती:
"लाड़ली जी... मुझे कोई दोस्त नहीं है। आप मेरी सखी बन जाओ ना..."
एक शाम को अचानक हल्की सी हवा चली। कुमुद ने देखा — एक बेहद सुंदर छोटी लड़की (लगभग उसी उम्र की) उसके पास आकर बैठ गई। वह बहुत प्यारी थी, गले में फूलों की माला और आँखों में अपार स्नेह था।
उस लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा,
"कुमुद... तू रोज मुझे अपनी सखी बनाने के लिए बुलाती है ना? आज मैं खुद आ गई हूँ।"
कुमुद हैरान होकर बोली, "तुम कौन हो?"
लड़की ने धीरे से कुमुद का हाथ पकड़ा और बोली:
"मैं वही हूँ जिसे तू लाड़ली जी और किशोरी जी कहती है।
तूने मुझे इतने प्यार से सखी बनाने के लिए पुकारा, इसलिए आज मैं तेरी सबसे अच्छी सखी बनकर आई हूँ।
अब तू कभी अकेली नहीं रहेगी।"
उस दिन के बाद कुमुद कभी अकेली नहीं रही। लोग देखते कि वह अकेली खेल रही होती है, लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा एक अनोखी मुस्कान रहती।
संदेश:
जो भक्त राधारानी को सच्चे दिल से सखी या दोस्त बनाना चाहता है,
राधारानी स्वयं उसके जीवन में आकर उसका साथ निभाती हैं।
राधे राधे

श्री जी की प्रतीक्षा और कन्हाई का उपहारबात द्वापर युग की है, जब श्री कृष्ण और श्री राधा जी वृंदावन के निधिवन में एक दूसर...
14/05/2026

श्री जी की प्रतीक्षा और कन्हाई का उपहारबात द्वापर युग की है, जब श्री कृष्ण और श्री राधा जी वृंदावन के निधिवन में एक दूसरे के साथ खेल रहे थे। पूरा वन पक्षियों की चहचहाहट और फूलों की महक से गूंज रहा था।एक अनोखा खेल: खेलते-खेलते श्री कृष्ण के मन में एक नटखट विचार आया। उन्होंने राधा जी को एक विशाल बरगद के पेड़ के पीछे ले जाकर खड़ा कर दिया।आँखों पर पीतांबर: कन्हाई ने मुस्कुराते हुए अपने रेशमी पीले पीतांबर से राधा रानी की आँखों को धीरे से बांध दिया। उन्होंने लाडली जी से कहा, "राधे! जब तक मैं न कहूँ, तुम अपनी आँखें मत खोलना और यहीं खड़ी रहना।"प्रतीक्षा की घड़ी: राधा जी अपने प्रियतम की बात मानकर वहीं स्थिर खड़ी रहीं। उधर, श्री कृष्ण वहां से थोड़ी दूर एक कदम के वृक्ष के नीचे चले गए और अपनी प्यारी राधा जी के लिए एक बेहद सुंदर और विशेष उपहार तैयार करने लगे।प्रेम और व्याकुलताकुछ समय बीत गया, लेकिन श्री कृष्ण वापस नहीं लौटे। समय धीरे-धीरे सरक रहा था और राधा जी की व्याकुलता बढ़ती जा रही थी।राधा जी की पुकार: काफी विलम्ब होने पर राधा जी ने बरगद के वृक्ष के पीछे से आवाज लगाई, "कान्हा! अब मुझसे और खड़ा नहीं रहा जाता। मेरी आँखें भी दर्द कर रही हैं, तुम कहाँ हो?"कन्हाई का आश्वासन: कदम के पेड़ के नीचे से श्री कृष्ण ने बड़े ही मधुर स्वर में मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "बस कुछ पल और राधे! आपकी प्रतीक्षा का फल बहुत मीठा होगा।"अटूट विश्वास: कन्हाई की आवाज सुनते ही राधा रानी के चेहरे पर एक अलौकिक मुस्कान आ गई। वे सब कुछ भूलकर, अपनी आँखें बंद किए पूरी श्रद्धा से वहीं खड़ी रहीं और श्री कृष्ण जल्दी-जल्दी अपना कार्य पूरा करने में जुट गए।अनमोल उपहारजैसे ही काम पूरा हुआ, श्री कृष्ण दौड़ते हुए अपनी लाडली जी के पास पहुंचे। उन्होंने अपने कोमल हाथों से राधा जी की आँखों पर बंधा पीतांबर धीरे से खोल दिया।वैजयंती माला: जब राधा जी ने अपनी आँखें खोलीं, तो सामने श्री कृष्ण हाथ में एक बेहद खूबसूरत, ताजे और सुगंधित फूलों की वैजयंती माला लेकर खड़े थे, जिसे उन्होंने खुद अपने हाथों से राधा जी के लिए पिरोया था।प्रेम का मिलन: श्री कृष्ण ने वह माला राधा जी के गले में पहना दी। अपने आराध्य के हाथों से बने इस उपहार को देखकर राधा जी की आँखों में प्रेम के आंसू आ गए। उन्होंने कन्हाई को गले से लगा लिया।


13/05/2026

🌹राधे राधे
हरि बोल,🙏🏻

13/05/2026

खो जाओ श्री राधा रमण लाल के चरणों में, जहाँ हर दुख मिट जाता है। नाम जपते रहिए, आनंद पाते रहिए। ✨🙏जय जय राधा रमण हरि बोल! ❤️

🌸 राधे राधे 🌸श्री जी की प्यारी कहानी 💕एक छोटे से गांव में "सावनी" नाम की एक 11 साल की लड़की रहती थी। उसके पिता की मृत्यु...
13/05/2026

🌸 राधे राधे 🌸
श्री जी की प्यारी कहानी 💕
एक छोटे से गांव में "सावनी" नाम की एक 11 साल की लड़की रहती थी। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी थी और माँ बीमार रहती थी। सावनी रोज स्कूल के बाद 4 किलोमीटर पैदल चलकर बारसाना के मंदिर जाती थी।
वह राधारानी के सामने खड़ी होकर हमेशा यही कहती:
"लाड़ली जी, मुझे कुछ नहीं चाहिए... बस मेरी माँ को ठीक कर दो।"
एक दिन मंदिर के पुजारी ने देखा कि सावनी के पैरों में छाले पड़ गए हैं। उन्होंने कहा,
"बेटी, इतनी दूर मत आया करो, तुम्हारी माँ ठीक हो जाएंगी।"
सावनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया:
"जब तक मेरी लाड़ली जी मेरी माँ को ठीक नहीं कर देती, मैं रोज आऊंगी।"
उसी रात सावनी को सपना आया। सपने में श्री जी उसके पास आईं, बहुत प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोलीं:
"मेरी प्यारी सावनी...
तेरे पैरों के छालों ने मुझे चोट पहुँचाई है।
तूने कभी खुद के लिए कुछ नहीं माँगा, इसलिए आज मैं तेरी माँ को ठीक कर रही हूँ।
कल से तू मुझे देखने आना, लेकिन पैदल नहीं... मैं तेरे दिल में हमेशा रहूंगी।"
अगली सुबह जब सावनी उठी, तो उसकी माँ पूरी तरह स्वस्थ थी और मुस्कुरा रही थी।
संदेश:
राधारानी उन बच्चों को सबसे ज्यादा प्यार करती हैं,
जो अपनी माँ के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।
राधे राधे 💖

राधे राधे 🙏❤️










With Tera Waqt – I just made it onto their weekly engagement list by being one of their top engagers! 🎉
12/05/2026

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🌸 राधे राधे 🌸श्री जी की प्यारी कहानी 💕वृंदावन में "मुनि" नाम की एक छोटी सी लड़की रहती थी। उसके पिता बहुत गरीब थे और मुनि...
11/05/2026

🌸 राधे राधे 🌸
श्री जी की प्यारी कहानी 💕
वृंदावन में "मुनि" नाम की एक छोटी सी लड़की रहती थी। उसके पिता बहुत गरीब थे और मुनि के पास खेलने के लिए खिलौने नहीं थे। वह रोज़ शाम को यमुना किनारे जाती और मिट्टी से छोटी-छोटी राधारानी की मूर्तियाँ बनाती थी।
एक दिन उसकी मूर्ति बनाते समय वह फुसफुसाई,
"लाड़ली जी, मैं आपको रोज़ बनाती हूँ, लेकिन आप कभी मेरे पास नहीं आती..."
उसी रात तेज़ बारिश हुई। मुनि की सारी मिट्टी की मूर्तियाँ बह गईं। वह रोते हुए यमुना किनारे खड़ी हो गई।
तभी अचानक बारिश रुक गई और चाँदनी छा गई। मुनि ने देखा — एक बेहद सुंदर बालिका (छोटी लड़की) उसके सामने खड़ी मुस्कुरा रही थी। उसके सिर पर फूलों का मुकुट था और आँखों में अपार प्यार।
बालिका ने आगे बढ़कर मुनि का हाथ पकड़ा और प्यार से बोली:
"मुनि... मैं तो रोज़ तेरे पास आती थी।
जब तू मुझे मिट्टी से बनाती थी, तब भी मैं तेरे पास ही होती थी।
तूने मुझे बनाया, इसलिए आज मैं तुझे अपना रूप दिखाने आई हूँ।"
मुनि हैरान होकर बोली, "आप... आप कौन हो?"
बालिका मुस्कुराई और बोली,
"मैं वही हूँ, जिसे तू लाड़ली जी कहती है।"
संदेश:
राधारानी उन भक्तों के सबसे करीब होती हैं,
जो उन्हें सच्चे मन से याद करते हैं — चाहे उनके पास कुछ भी न हो।
राधे राधे 💖

कैसी लगी कहानी?
चाहें तो इस कहानी से संबंधित दिव्य इमेज भी जेनरेट कर दूं। बोलिए! 🙏
राधे राधे 🙏❤️










10/05/2026

Radhe Radhe 🙏🏻

09/05/2026

🌹Radhe Radhe 🙏🏻
🌹Jai Shree Krishna 🙏🏻

हित हरिवंश महाप्रभु (राधावल्लभ संप्रदाय के संस्थापक)हित हरिवंश जी बचपन से ही राधारानी के परम भक्त थे। उन्होंने राधारानी ...
08/05/2026

हित हरिवंश महाप्रभु (राधावल्लभ संप्रदाय के संस्थापक)
हित हरिवंश जी बचपन से ही राधारानी के परम भक्त थे। उन्होंने राधारानी को परम देवी और कृष्ण को उनके सेवक के रूप में देखा।
एक बार उन्होंने राधारानी से प्रार्थना की कि "मैं आपको निरंतर देखना चाहता हूँ।"
राधारानी ने उन्हें हित चौरासी लिखने की प्रेरणा दी, जिसमें उन्होंने राधा-कृष्ण की लीला का अद्भुत वर्णन किया। आज भी यह ग्रंथ राधा भक्ति का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है।
राधे राधे 🙏❤️









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