15/05/2026
🌸 राधे राधे 🌸
श्री जी की प्यारी कहानी 💕
बारसाना में "कुमुद" नाम की एक 9 साल की लड़की रहती थी। वह बहुत शर्मीली थी और बोलती कम थी। स्कूल में भी उसकी कोई सहेली नहीं थी।
हर शाम वह राधारानी के मंदिर के पीछे वाले बगीचे में जाती और एक पुराने पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर फुसफुसाती:
"लाड़ली जी... मुझे कोई दोस्त नहीं है। आप मेरी सखी बन जाओ ना..."
एक शाम को अचानक हल्की सी हवा चली। कुमुद ने देखा — एक बेहद सुंदर छोटी लड़की (लगभग उसी उम्र की) उसके पास आकर बैठ गई। वह बहुत प्यारी थी, गले में फूलों की माला और आँखों में अपार स्नेह था।
उस लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा,
"कुमुद... तू रोज मुझे अपनी सखी बनाने के लिए बुलाती है ना? आज मैं खुद आ गई हूँ।"
कुमुद हैरान होकर बोली, "तुम कौन हो?"
लड़की ने धीरे से कुमुद का हाथ पकड़ा और बोली:
"मैं वही हूँ जिसे तू लाड़ली जी और किशोरी जी कहती है।
तूने मुझे इतने प्यार से सखी बनाने के लिए पुकारा, इसलिए आज मैं तेरी सबसे अच्छी सखी बनकर आई हूँ।
अब तू कभी अकेली नहीं रहेगी।"
उस दिन के बाद कुमुद कभी अकेली नहीं रही। लोग देखते कि वह अकेली खेल रही होती है, लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा एक अनोखी मुस्कान रहती।
संदेश:
जो भक्त राधारानी को सच्चे दिल से सखी या दोस्त बनाना चाहता है,
राधारानी स्वयं उसके जीवन में आकर उसका साथ निभाती हैं।
राधे राधे