14/09/2018
मेरे अहंकार से....यदि मैने किसी को नीचा दिखाया हो...
मेरे क्रोध से.... यदि किसी को दुःख पहुचाया हो।
मेरे झूठ से... किसी को कोई परेशानी हुई हो।
मेरे ना से.... किसी की सेवा में,दान में, बाधा आयी हो।
मेरे हर एक कण कण से जो मैने किसी को निराश किया हो।
मेरे शब्दों से.... जो किसी के हृदय को ठेस पहुचाई हो।
जाने अनजाने में यदि मैं आपके कष्ट का कारण बना हु।
तो मैं मेरा मस्तक झुकाकर,हाथ जोड़कर, सहृदय
आप सभी से क्षमा मांगता हूं..
"मिच्छामि दुक्कडम"
🙏🙏🙏