Vijay Handloom Kamal chowk

  • Home
  • Vijay Handloom Kamal chowk

Vijay Handloom Kamal chowk We provide wholesale prices on bed sheets, curtains, and home décor items. It is in Kamal Chowk, NGP

07/03/2026
*आज़ २२ जून विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्राभिनंदन। शुभकामनाएं  । जागे तभी सवेरा।*👍😊👍😊🙏🏻👍*कोरोना की तबाही को भूलने को देर...
22/06/2025

*आज़ २२ जून विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्राभिनंदन। शुभकामनाएं । जागे तभी सवेरा।*👍😊👍😊🙏🏻👍

*कोरोना की तबाही को भूलने को देर नहीं लगेगी। जब आने वाले पांच साल में ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से उठने वाले तूफान और चक्रवातों, बाढ़ और सूखा का सिलसिला शुरू हो जाएगा।*🥲🥲🥲

*अपनी छतों को छायादार बनाकर इस प्राकृतिक आपदाओं की तबाही से बचा जा सकता है। तापमान को एक डिग्री बढ़ने से रोक कर, बढ़ते तापमान को कम करके।*👍😊👍🙏🏻

*दैनिक भास्कर का २/६/२०२३ का लेख इसी विषय पर है। जो भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती और चेतावनी है।*

*अधिक जानकारी के लिए मेरी आफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। यहां क्लिक करें www.climatecooler.in पर।*👍😊👍🙏🏻

Happy Father Day 💖
15/06/2025

Happy Father Day 💖

*www.climatecooler.in ........को क्लिक करें और जानें अपने घर और शहर को गर्मी में गर्म होने से कैसे बचाएं !*✍️ 👍👍👍🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹...
05/06/2025

*www.climatecooler.in ........को क्लिक करें और जानें अपने घर और शहर को गर्मी में गर्म होने से कैसे बचाएं !*✍️ 👍👍👍🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹🌹🌹

पर्यावरण दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।

*आज़ लोकमत समाचार अखबार में दिवंगत डॉ जयंत नार्लीकर जी से जुड़ी स्मृतियों को स्थान मिला है। इसके लोकमत समाचार अखबार का ध...
21/05/2025

*आज़ लोकमत समाचार अखबार में दिवंगत डॉ जयंत नार्लीकर जी से जुड़ी स्मृतियों को स्थान मिला है। इसके लोकमत समाचार अखबार का धन्यवाद और आभार।*🙏🏻👍🙏🏻🌹

*मैंने जनवरी 1996 में अपनी लगभग 50 किताबें डॉ. जयंत नारलीकर जी को भेजी थीं। उनके आयुका विश्विद्यालय और शिक्षक और लाईब्रेरी के लिए।*👍
*फरवरी 1996 में डॉ. नारलीकर जी ने लेखक के विज्ञान कथा उपन्यास "महाप्रलय की प्रतीक्षा" पर एक उनके हाथों से लिखा एक पत्र प्राप्त हुआ।*😊
*पत्र में उन्होंने एक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें उपन्यास की समयहीनता की कल्पना पसंद नहीं आई, लेकिन उन्होंने मुझे हतोत्साहित नहीं होने की सलाह दी थी। यह उनकी महानता थी कि उन्होंने मेरी तुलना बड़े विज्ञान कथा लेखक क्लार्क और एस्मोसिव से की थी। जिनकी रचना पसंद नहीं है।*🥲

*दिलचस्प बात यह है कि इस उपन्यास में ब्लैक होल से तारों की उत्पत्ति सिद्धांत की जानकारी बाद में स्टीफन हॉकिंग के शोध में भी दिखाई दी। जो बाद में अखबारों में खबर बनी। यह मेरी विज्ञान कथा उपन्यास महाप्रलय की प्रतीक्षा की एक बड़ी उपलब्धि थी और है।*👍😊👍
*धन्यवाद लोकमत समाचार अखबार और रिपोर्टर का भी।*👍🙏🏻👍🌹

दिवंगत डॉ जयंत नार्लीकर जी को विनम्र श्रद्धांजलि।*जनवरी १९९६ में मैंने अपनी करीब पचास किताबें रजिस्टर पार्सल पोस्ट सेवा ...
20/05/2025

दिवंगत डॉ जयंत नार्लीकर जी को विनम्र श्रद्धांजलि।

*जनवरी १९९६ में मैंने अपनी करीब पचास किताबें रजिस्टर पार्सल पोस्ट सेवा से आयुका विश्विद्यालय पुना, डॉ जयंत नार्लीकर जी को भेजीं थी। यह उनके लिए और उनके लाइब्रेरी और शिक्षकों के पढ़ने के लिए भेजी थी।*

*उस समय मैंने देश के सभी बड़ी युनिवर्सिटी और शोध संस्थान को निशुल्क उनके लाइब्रेरी के लिए भेजी थी। ताकि मेरा यह शोध प्रबंध के रूप में यह किताब लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए रखी रहें ‌। कुछ विश्वविद्यालय की लाइब्रेरियों ने मुझे किताबों के मूल्य का भुगतान मनीआर्डर से किया था।*

*१०/२/१९९६ में मेरे विज्ञान कथा उपन्यास महाप्रलय की प्रतीक्षा पर देश के महान वैज्ञानिक जो कि अभी नहीं है। खगोलशास्त्री डॉ जयंत नार्लीकर जी ने हस्तलिखित पत्र में जो लिखा है। वह इस तरह से है।*

__________________________________

*श्री जी प्रकाश,*

*आपकी विज्ञान कथा की प्रतियां यथासमय मिल चुकीं। कुछ प्रतियां मैंने हिंदी भाषी सहयोगियों को दीं । धन्यवाद !*
*स्पष्ट कहूं तो मुझे आपका उपन्यास जंचा नहीं। समयहीनता की कल्पना आज के आधुनिक माहौल में अजीब प्रतीत होती है - जिस तरह से आप ने पेश किया है।*
*लेकिन मेरी इस टिप्पणी से आप हतोत्साहित न हों। क्लार्क और एस्मोसिव की कुछ रचनाएं इसी वजह से मुझे जंची न थी।*

*भवदीय*

*जयंत नार्लीकर*
___________________________________

*उल्लेखनीय बात यह है कि इसी विज्ञान कथा उपन्यास का ब्लेक होल और डार्क मैटर संबंधित जानकारी दस साल बाद स्टीफन हॉकिंग के शोध प्रबंध में दिखाई दिया। तारों के जन्म में ब्लेक होल की प्रमुख भूमिका है।*
*इसलिए सभी आकाश गंगाओं के केन्द्र में विशालतम ब्लेक होल है। वहीं से नवजात तारों की उपस्थिति दर्ज हुई है।*
*लगभग सभी बड़े अखबारों में इस बात की खबर बनी थी।*

*डार्क मैटर पर मेरे विज्ञान कथा उपन्यास के कुछ अंश देखना है तो इस लिंक पर क्लिक करें और जानें।*
*क्यों हमारे साथ , ......हमारे वजन का बीस गुना अधिक निष्क्रिय ( Non reactive gravitational matter ) डार्क मैटर और डार्क एनर्जी .......कैसे जुड़ी है।*

*https://youtu.be/M3KoCyunQKQ?si=NLnxxR1pg67RJF7d*

___________________________________

*डॉ जयंत नार्लीकर जी ने मेरी जिस समय हिनता पर आक्षेप लिया था। वह थी अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष यात्री अमर कैसे हो सकते है ? समयहीनता उसका जवाब था और है। वायुयान को एक विशेष गति में चलाकर भी समयहीनता महसूस की जा सकती है।*

*कभी कभी कुछ हवाई जहाज यात्रियों को उनके वजन के हिसाब से समयहीनता महसूस होती है। जब समय का बिल्कुल ही पता नहीं चलता है। यह हवाई जहाज और यात्रियों के संयुक्त उर्जा के उत्सर्जन रेडिएशन से संबंधित सिद्धांत है। इस विषय पर चर्चा फिर कभी।*

*कुछ लोग ध्यान साधना में लीन लोगों की बायोलॉजिकल क्लाक रूकने से भी जोड़ते हैं। जिनकी आयु ठहर जाती है।*

*फिर भी समयहीनता बायोलॉजिकल से अधिक फिजिकल है।*
धन्यवाद 🙏👍🙏

*विज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित एक सक्रीय जीवन। एक महान विज्ञानवादी योगी खगोलशास्त्री डॉ जयंत नार्लीकर जी नहीं ...
20/05/2025

*विज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित एक सक्रीय जीवन। एक महान विज्ञानवादी योगी खगोलशास्त्री डॉ जयंत नार्लीकर जी नहीं रहे।*🙏🏻🥲🙏🏻

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🥲🥲🥲🙏🏻🙏🏻🙏🏻

*योगी इस अर्थ से जो रात और दिन में सक्रीय रहकर अपने ध्येय की प्राप्ति करता है। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी और मराठी भाषा में विपुल साहित्य सृजन किया है।*✍️👍✍️🥲

*उनके विज्ञान के प्रचार-प्रसार और साहित्य लेखन कार्य का पुण्य कर्मों का स्मरण करके ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।*👍🥲👍🙏🏻
____________________________________

*डॉ जयंत नार्लीकर जी से प्रेरणा लेकर पीढ़ियों ने विज्ञान में अपना कैरियर बनाया है। शोधकर्ता बनें। देश और दुनिया की सभी बड़ी प्रयोगशाला और शोध संस्था में बड़ी संख्या में भारतीय वैज्ञानिक शोधकर्ता काम कर रहे हैं। जो उनसे प्रेरित रहे हैं।*👍👍👍

*मेरे जैसे अनगिनत विज्ञान लेखकों के वे रोल मॉडल हैं। मुझे करीब तीस साल पहले अपनी विज्ञान कथा पर उनकी प्रतिक्रिया जानने का मौका मिला था। एक उनके हाथ का लिखा पत्र बेशकीमती है। धन्यवाद 🙏 👍 🙏*

धन्यवाद

*जनवरी १९९६ में मैंने अपनी करीब पचास किताबें रजिस्टर पार्सल पोस्ट सेवा से आयुका विश्विद्यालय पुना, डॉ जयंत नार्लीकर जी क...
20/05/2025

*जनवरी १९९६ में मैंने अपनी करीब पचास किताबें रजिस्टर पार्सल पोस्ट सेवा से आयुका विश्विद्यालय पुना, डॉ जयंत नार्लीकर जी को भेजीं थी। यह उनके लिए और उनके लाइब्रेरी और शिक्षकों के पढ़ने के लिए भेजी थी।*

*उस समय मैंने देश के सभी बड़ी युनिवर्सिटी और शोध संस्थान को निशुल्क उनके लाइब्रेरी के लिए भेजी थी। ताकि मेरा यह शोध प्रबंध के रूप में यह किताब लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए रखी रहें ‌। कुछ विश्वविद्यालय की लाइब्रेरियों ने मुझे किताबों के मूल्य का भुगतान मनीआर्डर से किया था।*

*१०/२/१९९६ में मेरे विज्ञान कथा उपन्यास महाप्रलय की प्रतीक्षा पर देश के महान वैज्ञानिक जो कि अभी नहीं है। खगोलशास्त्री डॉ जयंत नार्लीकर जी ने हस्तलिखित पत्र में जो लिखा है। वह इस तरह से है।*

__________________________________

*श्री जी प्रकाश,*

*आपकी विज्ञान कथा की प्रतियां यथासमय मिल चुकीं। कुछ प्रतियां मैंने हिंदी भाषी सहयोगियों को दीं । धन्यवाद !*
*स्पष्ट कहूं तो मुझे आपका उपन्यास जंचा नहीं। समयहीनता की कल्पना आज के आधुनिक माहौल में अजीब प्रतीत होती है - जिस तरह से आप ने पेश किया है।*
*लेकिन मेरी इस टिप्पणी से आप हतोत्साहित न हों। क्लार्क और एस्मोसिव की कुछ रचनाएं इसी वजह से मुझे जंची न थी।*

*भवदीय*

*जयंत नार्लीकर*
___________________________________

*उल्लेखनीय बात यह है कि इसी विज्ञान कथा उपन्यास का ब्लेक होल और डार्क मैटर संबंधित जानकारी दस साल बाद स्टीफन हॉकिंग के शोध प्रबंध में दिखाई दिया। तारों के जन्म में ब्लेक होल की प्रमुख भूमिका है।*
*इसलिए सभी आकाश गंगाओं के केन्द्र में विशालतम ब्लेक होल है। वहीं से नवजात तारों की उपस्थिति दर्ज हुई है।*
*लगभग सभी बड़े अखबारों में इस बात की खबर बनी थी।*

*डार्क मैटर पर मेरे विज्ञान कथा उपन्यास के कुछ अंश देखना है तो इस लिंक पर क्लिक करें और जानें।*
*क्यों हमारे साथ , ......हमारे वजन का बीस गुना अधिक निष्क्रिय ( Non reactive gravitational matter ) डार्क मैटर और डार्क एनर्जी .......कैसे जुड़ी है।*

*https://youtu.be/M3KoCyunQKQ?si=NLnxxR1pg67RJF7d*

___________________________________

*डॉ जयंत नार्लीकर जी ने मेरी जिस समय हिनता पर आक्षेप लिया था। वह थी अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष यात्री अमर कैसे हो सकते है ? समयहीनता उसका जवाब था और है। वायुयान को एक विशेष गति में चलाकर भी समयहीनता महसूस की जा सकती है।*

*कभी कभी कुछ हवाई जहाज यात्रियों को उनके वजन के हिसाब से समयहीनता महसूस होती है। जब समय का बिल्कुल ही पता नहीं चलता है। यह हवाई जहाज और यात्रियों के संयुक्त उर्जा के उत्सर्जन रेडिएशन से संबंधित सिद्धांत है। इस विषय पर चर्चा फिर कभी।*

*कुछ लोग ध्यान साधना में लीन लोगों की बायोलॉजिकल क्लाक रूकने से भी जोड़ते हैं। जिनकी आयु ठहर जाती है।*

*फिर भी समयहीनता बायोलॉजिकल से अधिक फिजिकल है।*
धन्यवाद 🙏👍🙏

*क्या ब्लैक होल वास्तव में ब्रह्मांड के भव्य रीसायकलर्स हैं ????*👍👍👍😊😊😊Click here https://youtu.be/tJgviYcWfJI?si=NQtpsG...
22/03/2025

*क्या ब्लैक होल वास्तव में ब्रह्मांड के भव्य रीसायकलर्स हैं ????*👍👍👍😊😊😊

Click here
https://youtu.be/tJgviYcWfJI?si=NQtpsGSUHhWqYuGu
*How the universe is recycling is explained in this video , with the help of dark matter and dark energy.*✍️✍️✍️

*ब्रह्मांड के भव्य डिजाइन में, वास्तव में कुछ भी नहीं खोया है। सितारे पैदा होते हैं, वे जलते हैं, वे गिर जाते हैं, और अपनी अंतिम सांस में, वे ब्लैक होल बन सकते हैं - वे गूढ़ आवाजें जहां मामले, स्थान और समय अज्ञात में विलीन होने लगते हैं। लेकिन क्या होगा अगर ब्लैक होल अंत बिंदु नहीं हैं, बल्कि संक्रमण हैं? क्या होगा अगर वे प्रकृति के रीसाइक्लिंग के तरीके हैं, जो इसे सफेद छेद के माध्यम से दूसरे ब्रह्मांड के कपड़े में खिला रहे हैं?*👍👍👍

भौतिकी इस संभावना पर संकेत देती है। ऊष्माडायनामिक्स के नियम हमें बताते हैं कि ऊर्जा नष्ट नहीं की जा सकती, केवल बदला जा सकता है। ब्लैक होल सूचना विरोधाभास से पता चलता है कि जो भी घटना क्षितिज से परे गिरता है वह कहीं न कहीं जाना चाहिए। कुछ सिद्धांतों का प्रस्ताव है कि ब्लैक होल न केवल कुचलते हैं और मिटाते हैं, बल्कि मामले को उसके मौलिक सार तक तोड़ देते हैं, इसे एक आइंस्टीन-रोसेन पुल के माध्यम से फ़नल करते हैं - एक वर्महोल - नई ब्रह्मांडीय संरचनाओं के लिए कच्चे माल के रूप में कहीं और

दार्शनिक रूप से, यह प्रकृति के आंतरिक चक्रों के साथ संरेखित करता है। मृत्यु ईंधन पुनर्जन्म, और अंत कभी निरपेक्ष नहीं होते हैं। यदि मल्टीवर्स वास्तविक है, तो ब्लैक होल अपनी परतों के बीच सिलाई के रूप में काम कर सकते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई ब्रह्मांड अलग न हो, कोई अस्तित्व व्यर्थ न जाए। जिसे हम विनाश के रूप में देखते हैं वह हमारी धारणा से परे किसी चीज़ की उत्पत्ति हो सकती है।*

*शायद, तब, बिग बैंग एक अलग घटना नहीं थी, बल्कि एक और ब्रह्मांड के पतन का प्रकोप था। शायद हर ब्लैक होल सृष्टि की फुसफुसाहट है, अनदेखी दुनिया का एक मौन वास्तुकार है!* यदि ऐसा है, तो हम एक ब्रह्मांडीय लय का हिस्सा हैं जो हमने कभी सोचा था उससे कहीं अधिक है। *

09/10/2024

One Time
One Task
Complete
As Early As Possible

*दशहरा और दीपावली के लिए नया स्टाक उपलब्ध है। आइए.... पधारो म्हारे दुकान।*👍🌹👍*स्वागत है आपका 🙏🙏🙏🌹🙏🏻*
09/10/2024

*दशहरा और दीपावली के लिए नया स्टाक उपलब्ध है। आइए.... पधारो म्हारे दुकान।*👍🌹👍
*स्वागत है आपका 🙏🙏🙏🌹🙏🏻*

Address

Vijay Handloom, Kamal Chowk Nagpur विजय हैंडलूम कमाल चौंक नागपुर

440017

Telephone

+919096170712

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Vijay Handloom Kamal chowk posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Vijay Handloom Kamal chowk:

  • Want your business to be the top-listed Interior Service?

Share