10/06/2026
"सफ़र और हमसफ़र" ❤️🏍️
रोहन को बाइक चलाने का बहुत शौक था। हर रविवार वह अपनी पसंदीदा बाइक लेकर लंबी राइड पर निकल जाता था। पहाड़, घाटियाँ और खुले रास्ते उसे बहुत पसंद थे। लेकिन उसकी हर यात्रा में एक कमी थी—उसके साथ कोई हमसफ़र नहीं था।
एक दिन वह मनाली की तरफ बाइक ट्रिप पर जा रहा था। रास्ते में एक ढाबे पर चाय पीने के लिए रुका। वहीं उसकी मुलाकात नंदिनी से हुई, जो अपनी स्कूटी के खराब हो जाने के कारण परेशान खड़ी थी।
रोहन ने मुस्कुराते हुए पूछा, "अगर आपको बुरा न लगे, तो मैं मदद कर सकता हूँ?"
नंदिनी ने हँसते हुए कहा, "अगर आप मेरी स्कूटी चालू कर दें, तो मैं आपको चाय पिला दूँगी।"
कुछ ही मिनटों में रोहन ने स्कूटी ठीक कर दी। दोनों ने साथ बैठकर चाय पी और बातें शुरू हो गईं। पता चला कि नंदिनी को भी बाइक राइड और घूमने का बहुत शौक था।
उस दिन के बाद दोनों अक्सर वीकेंड पर साथ राइड पर जाने लगे। कभी ऋषिकेश, कभी जयपुर, तो कभी पहाड़ों की घुमावदार सड़कों पर। हर सफ़र के साथ दोनों एक-दूसरे के और करीब आते गए।
एक दिन लद्दाख की यात्रा के दौरान, पैंगोंग झील के किनारे सूरज ढल रहा था। ठंडी हवा चल रही थी। रोहन ने अपनी जेब से एक छोटी-सी अंगूठी निकाली और कहा,
"नंदिनी, अब तक हर सफ़र में तुम मेरे साथ रही हो। क्या तुम पूरी ज़िंदगी मेरी हमसफ़र बनोगी?"
नंदिनी की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उसने मुस्कुराते हुए कहा,
"हाँ, लेकिन एक शर्त पर..."
रोहन ने पूछा, "क्या?"
नंदिनी हँसते हुए बोली, "हर साल एक नई बाइक ट्रिप ज़रूर करेंगे!"
दोनों हँस पड़े।
एक साल बाद, उनकी शादी हुई। शादी के अगले ही दिन, फूलों से सजी अपनी बाइक पर दोनों एक नई यात्रा के लिए निकल पड़े।
लोग कहते थे कि उनकी जोड़ी सिर्फ पति-पत्नी की नहीं, बल्कि दो सच्चे राइडर्स और दो सबसे अच्छे दोस्तों की थी।
और इस तरह उनका हर सफ़र, प्यार से भरा एक खूबसूरत किस्सा बन गया। ❤️🏍️💍✨
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