22/06/2023
जम्मो किसान मन ला समर्पित हमर ये मॉडल जेन मन आज भी हमर पुरखा के देन परंपरागत जीनिस् ला बऊरथे |
" हमर छत्तीसगढ़ के नंदावत जीनिस् हमर गाड़ा -बैला "
#प्यार
“ए उड़ा जाही का रे उड़ा जाही का रे उड़ा जाही का मनकैना चिरइया कलरा करइया फुदुक-फुदुक फुदकाए सोन चिरई उड़ा जाही का?”
बइला-भइसा गाड़ा-गाड़ी नंदागे, घोड़ा नंदागे, गाय-भइस, बछिया-बछवा, पड़वा सब एक-एक कर नंदावत जात हे, नांगर नंदागे, गांव घला नंदावत हे, तीज-तिहार, परब, बोली-भाखा अउ मनखे मन घला नंदावत जात हे. माई कोठी नंदागे, दउरी-बेलन, करमा, ददरिया, सोहर, बिहाव गीत नंदागे, कुंआ-तरिया नंदागे, गुड़ी चंवरा मं गीता-रमायन होवय तउनो नंदागे. जेवर-गहना पांव ले गर, नाक-कान तक पहिने राहय तउनो सब नंदागे. पठोनी, लेठवा जवई घला सब नंदागे. पहिली के अनाज, बीजा मन घलो सब नंदागे. कोलिहा, हुर्रा, मिरगा, चिरई, चुरगुन मन घला एक-एक कर नंदावत जात हे. कतेक ल चेत करबे, कतेक ल हियाव करबे. सब धीरे-धीरे करके नंदावत हे. अब एखर आघू का होही तउन ल विधाता जानही |
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏हमने बांस शिल्पकला के माध्यम से अपनी संस्कृति , त्योहारो,ऐतिहासिक- मंदिरो ,महापुरुषो के चित्रों,व विभिन्न घरेलू साज- सज्जा की वस्तुओ को सहज रूप मे सहेजकर(पाटन आर्ट गैलरी) संग्रहालय मे रखा है,
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✨🙏धन्यवाद🙏✨
स्थान : भरर चौक पाटन, दुर्ग, छत्तीसगढ़
यूनियन बैंक के सामने